UPSC 2025 : रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित हो गया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में छत्तीसगढ़ के कई प्रतिभाशाली युवाओं ने सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ से कुल 6 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। इनमें रायपुर की वैभवी अग्रवाल, रौनक अग्रवाल, संजय डहरिया, मनेंद्रगढ़ की दर्शना सिंह, धमतरी के डायमंड सिंह ध्रुव, बीजापुर के अंकित संकनी और दुर्ग के अनुभव अग्रवाल शामिल हैं।
रायपुर की वैभवी अग्रवाल बनीं प्रदेश टॉपर
रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वैभवी की इस सफलता से पूरे राज्य में खुशी का माहौल है।

अपनी सफलता के बारे में बताते हुए वैभवी ने कहा कि उनकी उपलब्धि का सबसे बड़ा कारण लगातार मेहनत और परिवार का सहयोग है। उन्होंने बताया कि बिना किसी परिणाम की चिंता किए उन्होंने तीन साल तक लगातार तैयारी की और आज उसी मेहनत का फल उन्हें मिला है।
रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया को कलेक्टर ने दी बधाई
रायपुर के मोवा निवासी रौनक अग्रवाल को यूपीएससी परीक्षा में 772वीं रैंक प्राप्त हुई है। रौनक मूल रूप से रायगढ़ जिले के रहने वाले हैं और रायपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।

वहीं संजय डहरिया ने 946वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि दोनों अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू से पहले जिला प्रशासन द्वारा आयोजित मॉक इंटरव्यू में हिस्सा लिया था। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्वयं उनका इंटरव्यू लिया था और उन्हें महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे। परिणाम घोषित होने के बाद कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके घर जाकर बधाई भी दी।

धमतरी के डायमंड सिंह ध्रुव बने IPS
धमतरी जिले के परसवानी गांव के रहने वाले डायमंड सिंह ध्रुव ने यूपीएससी परीक्षा में 623वीं रैंक हासिल की है। वे छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं।

पुलिस सेवा में रहते हुए भी उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और आखिरकार सफलता हासिल की। डायमंड सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय धैर्य और निरंतर मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति धैर्य और समर्पण के साथ प्रयास करता रहे तो जीवन में हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
जेएनयू से पढ़ाई, खुद की मेहनत से हासिल की सफलता
डायमंड सिंह बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मगरलोड के शिशु मंदिर से प्राप्त की और हाईस्कूल की पढ़ाई रायपुर के रेडियंट पब्लिक स्कूल माना से पूरी की। इसके बाद उन्होंने जेएनयू से उच्च शिक्षा हासिल की।
दिल्ली में रहते हुए उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान में दाखिला लिए स्वयं अध्ययन कर यूपीएससी की तैयारी की। लगभग ढाई साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने यह सफलता हासिल की।
भाजपा पार्षद की बेटी दर्शना सिंह बनीं IPS
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की दर्शना सिंह ने यूपीएससी परीक्षा में 283वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित होकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

दर्शना के पिता अरुण सिंह किसान और राशन दुकान संचालक हैं, जबकि उनकी माता सीमा सिंह नगर पंचायत जनकपुर की भाजपा पार्षद हैं। दर्शना ने 12वीं तक की पढ़ाई अपने गांव से पूरी की और इसके बाद जेईई परीक्षा पास कर आईआईटी कानपुर में प्रवेश लिया। वहां से उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
पांचवीं कक्षा से देखा था अफसर बनने का सपना
दर्शना सिंह ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखा था। पांचवीं कक्षा में ही उन्होंने तय कर लिया था कि वह यूपीएससी परीक्षा पास करेंगी।
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद वह दिल्ली चली गईं और एक वर्ष तक कोचिंग लेकर तैयारी की। इसके बाद उन्होंने स्वयं अध्ययन जारी रखा। मुख्य परीक्षा के लिए उन्होंने वैकल्पिक विषय के रूप में समाजशास्त्र चुना। उनका मानना है कि वैकल्पिक विषय वही चुनना चाहिए जिसमें व्यक्ति की गहरी रुचि हो।
बीजापुर के अंकित संकनी ने हासिल किया 816वां रैंक
बीजापुर जिले के भैरमगढ़ निवासी अंकित संकनी ने यूपीएससी परीक्षा में 816वीं रैंक हासिल की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर यह सफलता प्राप्त की।

उनकी उपलब्धि से पूरे बीजापुर जिले में खुशी का माहौल है और क्षेत्र के युवाओं को उनसे प्रेरणा मिल रही है।
दुर्ग के अनुभव अग्रवाल ने भी बढ़ाया प्रदेश का मान
दुर्ग जिले के रहने वाले अनुभव अग्रवाल ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 188वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया है।

प्रदेश में खुशी की लहर
यूपीएससी परिणाम घोषित होने के बाद छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में खुशी का माहौल है। सफल अभ्यर्थियों के परिवार, मित्र और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी है। इन युवाओं की सफलता से प्रदेश के अन्य छात्रों को भी बड़ी प्रेरणा मिल रही है।
