रायपुर। लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने मंगलवार को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति (Committee of Privileges) का पुनर्गठन किया। इस नई समिति में रायपुर से सांसद Brijmohan Agrawal को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
समिति में शामिल किए जाने पर बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दायित्व उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे संसदीय परंपराओं की रक्षा, सांसदों के विशेषाधिकारों के संरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे।
समिति का नेतृत्व और सदस्य
पुनर्गठित विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री Ravi Shankar Prasad को नियुक्त किया गया है।
समिति में भारतीय जनता पार्टी से Brijmohan Agrawal, Ramvir Singh Bidhuri, Sangeeta Singh Deo और Trivendra Singh Rawat को शामिल किया गया है।
वहीं विपक्षी दलों की ओर से कांग्रेस के Manickam Tagore, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के T. R. Baalu और समाजवादी पार्टी के Dharmendra Yadav को भी सदस्य बनाया गया है।
क्या है विशेषाधिकार समिति की भूमिका?
लोकसभा की विशेषाधिकार समिति का प्रमुख कार्य संसद और उसके सदस्यों के विशेषाधिकारों की रक्षा करना है। यदि किसी सांसद के विशेषाधिकारों का उल्लंघन होता है या सदन की गरिमा को ठेस पहुंचती है, तो समिति मामले की जांच कर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करती है।
समिति का यह पुनर्गठन संसदीय कार्यप्रणाली को सुचारू और प्रभावी बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
