PM Modi CCS Meeting : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने भी हालात पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद क्षेत्र में भू-राजनीतिक अस्थिरता तेज हो गई है। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार देर रात कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक बुलाई। बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके भारत पर संभावित प्रभावों की समीक्षा की गई।
PM Modi CCS Meeting : ईरान-इजरायल तनाव पर विस्तृत मंथन
बैठक में 28 फरवरी को ईरान में हुए एयर स्ट्राइक और उसके बाद क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। खाड़ी देशों यूएई, कतर और बहरीन में अमेरिकी एयर बेस पर हुए मिसाइल हमलों के बाद हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
सरकार ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि यदि क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ता है तो इसका सीधा असर वहां रह रहे लाखों भारतीयों पर पड़ सकता है।
PM Modi CCS Meeting : प्रवासी भारतीयों और छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
सीसीएस बैठक में खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर विशेष चर्चा हुई। सरकार ने संबंधित मंत्रालयों और भारतीय दूतावासों को निर्देश दिए कि वे सतर्क रहें और जरूरत पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराएं।
इसके अलावा, क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों और यात्रा पर गए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी व्यापक रणनीति पर विचार किया गया। संभावित निकासी योजना और आपात संपर्क तंत्र को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
PM Modi CCS Meeting : आर्थिक और व्यापारिक प्रभावों की समीक्षा
बैठक में यह भी आकलन किया गया कि यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबा खिंचता है तो उसका भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से कच्चे तेल की आपूर्ति, व्यापारिक मार्गों और निवेश पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई गई।
सरकार ने संकेत दिया कि ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
PM Modi CCS Meeting : वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी में लिए गए अहम निर्णय
यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत शांति, संवाद और कूटनीति के पक्ष में है और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करेगा।
PM Modi CCS Meeting : कूटनीति पर जोर, हालात पर लगातार नजर
सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे हालात पर 24×7 निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि विवादों का समाधान संवाद और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है। ऐसे समय में सरकार की प्राथमिकता भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और क्षेत्रीय शांति को बनाए रखना है।
