नई दिल्ली/दुबई। एशिया कप 2025 के भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की मांग को खारिज कर दिया है। याचिका में पाकिस्तान के खिलाफ मैच न खेलने की अपील की गई थी, जिसमें तर्क दिया गया कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले और पाकिस्तान की हालिया सैन्य गतिविधियों के कारण यह मुकाबला राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान है।
कोर्ट का फैसला: मैच को होने दीजिए
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग की थी, लेकिन जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने स्पष्ट कहा कि मैच में दखल देने का कोई आधार नहीं है। जस्टिस माहेश्वरी ने कहा, “अगर मैच रविवार को है, तो इससे हम क्या कर सकते हैं? इसे होने दीजिए।”
याचिकाकर्ताओं का तर्क
याचिका में कहा गया था कि भारत-पाक मुकाबला राष्ट्रीय हित और सेना के मनोबल पर चोट करेगा। याचिकाकर्ताओं ने पहलगाम हमले (22 अप्रैल 2025) का हवाला देते हुए बताया कि उस हमले में कई लोग शहीद हुए थे। इसके अलावा, फरवरी से मई 2025 के बीच पाकिस्तान ने संघर्षविराम का कई बार उल्लंघन किया।

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि ऐसे हालात में पाकिस्तान से क्रिकेट खेलना यह संदेश देगा कि भारत उन देशों से रिश्ते सामान्य रख रहा है जो आतंकवादियों को पनाह देते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान और सुरक्षा, आर्थिक लाभ से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं।
साथ ही उन्होंने खेल मंत्रालय और युवा मामलों के विभाग से आग्रह किया कि राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 लागू किया जाए, ताकि क्रिकेट को राष्ट्रीय खेल महासंघ के दायरे में लाया जा सके।
मुकाबला पहलगाम हमले के बाद पहली बार
कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह पहला मौका है जब भारत और पाकिस्तान आमने-सामने खेलेंगे। ऐसे में मुकाबला दोनों देशों के फैंस के लिए भावनात्मक रूप से अहम बन गया है। टीम इंडिया मौजूदा समय में पाकिस्तान पर क्लियर तौर पर तकनीकी और प्रदर्शन में बेहतर स्थिति में दिख रही है।
