छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र में नवाचार और फसल विविधिकरण के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड के ग्राम बारगांव के किसान कुंवर सिंह मधुकर ने पारंपरिक धान खेती छोड़कर बहु-फसली मॉडल अपनाते हुए अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
18 एकड़ भूमि में उन्होंने काली मिर्च, आम, खीरा, लौकी, कटहल, नींबू, एप्पल बेर सहित कई फसलों की खेती शुरू की। इसके चलते उनकी आमदनी दोगुनी से तीन गुना तक बढ़ गई है। उनके खेत में 250 कटहल, 600 नए और 250 पुराने नींबू, 100 एप्पल बेर, 1700 ऑस्ट्रेलियन टीक और 300 काली मिर्च के पौधे लगाए गए हैं।
इसके अलावा वे कुंदरू, परवल, खीरा और अन्य सब्जियों की भी बड़े पैमाने पर खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें सालभर आय का स्रोत मिल रहा है। जिला प्रशासन ने उनके मॉडल को सराहते हुए अन्य किसानों को भी फसल विविधिकरण अपनाने की सलाह दी है।
कुंवर सिंह मधुकर आज प्रदेश के किसानों के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरे हैं, जिन्होंने आधुनिक खेती के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है।
