पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के आपात चिकित्सा विभाग में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रवेश एवं पंजीयन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत गंभीर मरीजों को इमरजेंसी तक पहुंचने के लिए भीड़ के बीच से गुजरने की जरूरत नहीं होगी।
सोमवार से ओपीडी गेट स्थित कक्ष क्रमांक 100, कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) कक्ष से आपात मरीजों की एंट्री और पंजीयन किया जाएगा। सीएमओ कक्ष में मरीज की प्रारंभिक जांच के बाद गंभीर एवं तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों को बिना अनावश्यक देरी के सीधे आपात चिकित्सा विभाग में भेजा जाएगा।
कुछ वर्ष पहले तक इसी स्थान से संचालित होता था इमरजेंसी विभाग
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ वर्ष पहले तक आपात चिकित्सा विभाग का संचालन इसी स्थान से किया जाता था। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के कारण वर्तमान प्रवेश व्यवस्था में स्थानाभाव और भीड़ की स्थिति बन रही थी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व निर्धारित प्रवेश एवं पंजीयन स्थल को फिर से व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया है।
अस्पताल प्रशासन ने किया निरीक्षण
अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी के अनुमोदन के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर की अध्यक्षता में शनिवार को अधीक्षक कक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपात चिकित्सा विभाग में मरीजों के सुचारू आवागमन और चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई।
अस्पताल के राउंड के दौरान आपात चिकित्सा विभाग में मरीजों की बढ़ती संख्या से उत्पन्न भीड़ और स्थानाभाव का निरीक्षण भी किया गया। इसके बाद संबंधित विभागाध्यक्षों और अधिकारियों से चर्चा कर नई प्रवेश व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया।
मरीजों की सुविधा होगी प्राथमिकता
अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य मरीजों की भीड़ को नियंत्रित करना, गंभीर मरीजों को तत्काल आपात चिकित्सा उपलब्ध कराना और मरीजों एवं उनके परिजनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंजीयन और मरीजों की आवाजाही की नियमित समीक्षा की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों की सुविधा के अनुसार आवश्यक सुधार भी किए जाएंगे। आपातकालीन सेवाओं की निरंतरता को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
