रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग मामलों में कुल 1 क्विंटल 27 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 64 लाख रुपये बताई गई है। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि विधि के साथ संघर्षरत एक बालक को भी पकड़ा गया है। पुलिस अब गांजा तस्करी के नेटवर्क और सप्लाई चैन का पता लगाने में जुटी है।
यह कार्रवाई एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, गंज थाना और आमानाका थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
फाफाडीह चौक के पास ऑटो से मिला 82.51 किलो गांजा
पुलिस के मुताबिक, 7 अक्टूबर को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि एक ऑटो में तीन व्यक्ति गांजा लेकर रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और फाफाडीह चौक स्थित यात्री प्रतीक्षालय के पास संदिग्ध ऑटो को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ट्रॉली बैग से 82.51 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने इस मामले में मुकुन्द शर्मा, गोपाल वर्मा उर्फ गोपी और संतोष साहू को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गांजे और अन्य जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 41.25 लाख रुपये है।
टाटीबंध में दूसरी कार्रवाई, 44.79 किलो गांजा जब्त
गांजा तस्करी के खिलाफ दूसरी कार्रवाई 8 अक्टूबर को आमानाका थाना क्षेत्र के टाटीबंध स्थित इस्कॉन टेंपल मोड़ के पास की गई। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को इलाके में गांजा तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद संयुक्त पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कान्हू डाकुआ, सुमित भट्टाचार्य और विधि के साथ संघर्षरत एक बालक को पकड़ा।
पुलिस ने तलाशी के दौरान 44.799 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 22.40 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस
दोनों मामलों में कार्रवाई के बाद पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गांजे की खरीद, सप्लाई और वितरण से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन स्थानों पर पहुंचाया जाना था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है या नहीं। जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
एनडीपीएस एक्ट के 85 मामलों में 190 आरोपियों की गिरफ्तारी
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार, एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स अब तक एनडीपीएस एक्ट के 85 मामलों में 190 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं।
इन कार्रवाइयों के दौरान गांजा, नशीली गोलियां, एमडीएमए, कोकीन, हेरोइन, ब्राउन शुगर, अफीम और प्रतिबंधित सिरप सहित विभिन्न मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, मादक पदार्थों और वाहनों समेत जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 6.31 करोड़ रुपये है।
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान जारी
रायपुर पुलिस का कहना है कि शहर में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। हालिया कार्रवाई में बड़ी मात्रा में गांजा जब्त होने के बाद पुलिस की जांच अब तस्करी के स्रोत और उससे जुड़े लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित है।
