Ketan Agrawal Murder Case : पुणे : महाराष्ट्र के पुणे में 26 वर्षीय केतन विशाल अग्रवाल की मौत का मामला अब एक सनसनीखेज हत्या की साजिश के रूप में सामने आया है। 18 जून को लोहागढ़ किले से गिरकर केतन की मौत हुई थी, जिसे शुरुआत में एक दर्दनाक हादसा माना गया था। घटना के बाद उनकी मंगेतर सिया गोयल ने परिवार को बताया था कि ट्रैकिंग के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गए। हालांकि परिवार के संदेह और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद मामले का पूरा सच सामने आया।
फरवरी में हुई थी सगाई, शादी की चल रही थीं तैयारियां
पुलिस जांच के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई फरवरी 2026 में हुई थी और दोनों परिवार शादी की तैयारियों में जुटे थे। प्री-वेडिंग शूट के लिए दोनों को इंडोनेशिया के बाली जाना था, लेकिन यात्रा से पहले केतन का पासपोर्ट अचानक गायब हो गया, जिसके कारण पूरा कार्यक्रम रद्द हो गया। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर सिया ने ही पासपोर्ट छिपाया था।
प्रेम संबंध और हत्या की कथित साजिश का खुलासा
जांच एजेंसियों को पता चला कि सिया गोयल का चेतन चौधरी नाम के युवक के साथ पिछले करीब एक वर्ष से प्रेम संबंध था। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। बाली यात्रा रद्द होने के बाद साजिश को अंजाम देने की योजना तेज हुई और 18 जून को सिया केतन को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची। पुलिस का दावा है कि चेतन भी वहां पहले से मौजूद था और दोनों ने मिलकर केतन को ऊंचाई से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
इंस्टाग्राम पोस्ट से हादसा दिखाने की कोशिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद शक से बचने के लिए सिया ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया। इंस्टाग्राम स्टोरी में उसने लिखा कि “तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर छोड़कर चले गए।” पुलिस का मानना है कि यह पोस्ट घटना को सामान्य दुर्घटना दिखाने और लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश थी।
तकनीकी साक्ष्यों से खुली साजिश की परतें
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। इन सबूतों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि केतन की मौत दुर्घटना नहीं बल्कि एक पूर्व नियोजित हत्या थी। इसके बाद पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
पिता ने की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने इस घटना को बेहद क्रूर बताते हुए कहा कि अगर सिया शादी नहीं करना चाहती थी तो वह रिश्ता तोड़ सकती थी, लेकिन किसी की जान लेने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर आरोपियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जाए।
फिलहाल पुलिस मामले की सभी कड़ियों की जांच कर रही है। यह मामला प्रेम संबंध, विश्वासघात और एक कथित सुनियोजित हत्या की साजिश के रूप में पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
