धमतरी, कृषि शिक्षा, अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक व्यवस्था के क्षेत्र में धमतरी जिले को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कुरूद को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड (NAEAB) ने ‘ए’ ग्रेड प्रदान किया है। महाविद्यालय को 3.15 स्कोर के साथ पांच वर्ष की अवधि के लिए प्रत्यायन मिला है।
आईसीएआर की अधिसूचना के अनुसार यह प्रत्यायन 29 मार्च 2024 से 28 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगा। राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड की 43वीं बैठक में 24 अगस्त 2026 को लिए गए निर्णय के आधार पर यह मान्यता प्रदान की गई है।
कृषि प्रधान धमतरी जिले के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। कुरूद कृषि महाविद्यालय द्वारा कृषि शिक्षा, विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुसंधान गतिविधियों और किसानों के हित में आधुनिक तकनीकों के प्रसार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। आईसीएआर का ‘ए’ ग्रेड संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों, मानव संसाधन, शिक्षण व्यवस्था, अनुसंधान और अकादमिक गतिविधियों की बेहतर स्थिति को दर्शाता है।
कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर ने इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कुरूद के साथ पूरे धमतरी जिले के लिए गौरव का विषय है। कृषि शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और आधुनिक कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने में महाविद्यालय की भूमिका और प्रभावी होगी।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने भी महाविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देना जिले की प्राथमिकताओं में शामिल है। कुरूद कृषि महाविद्यालय को ‘ए’ ग्रेड मिलना संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों का सम्मान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि महाविद्यालय भविष्य में भी उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेगा।
महाविद्यालय के अधिष्ठाता श्री नवनीत राणा ने इस उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों और समस्त महाविद्यालयीन परिवार के निरंतर प्रयास, समर्पण और टीम भावना को दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगी। इससे विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों का उत्साह बढ़ेगा तथा वे कृषि क्षेत्र की नई चुनौतियों के समाधान के लिए और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।
आईसीएआर से मिले इस प्रत्यायन से कुरूद कृषि महाविद्यालय की अकादमिक विश्वसनीयता को नई पहचान मिलने के साथ विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा और अनुसंधान के अवसरों के विस्तार की उम्मीद है। यह उपलब्धि धमतरी जिले में ज्ञान आधारित, तकनीक-सक्षम और नवाचारपरक कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
