छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। नौतपा शुरू होने से पहले ही प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। गुरुवार को राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र में 45 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि धमतरी 45.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में कई इलाकों में पारा 48 डिग्री या उससे ऊपर पहुंचने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 25 मई से शुरू होने वाला नौतपा 2 जून तक चलेगा और इस दौरान प्रदेश भट्ठी की तरह तप सकता है।
गुरुवार को प्रदेश के अन्य जिलों में भी तेज गर्मी दर्ज की गई। बेमेतरा में 45.4 डिग्री, बालोद और कवर्धा में 44.7 डिग्री, जबकि बिलासपुर में 44.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर और पेंड्रा में 42 डिग्री तथा राजनांदगांव में 41 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।
मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण प्रदेश में नम हवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि बीच-बीच में हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है।
भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और लू के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
इस बीच विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल संकट नहीं होना चाहिए और पानी की आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य से पहले 26 मई को केरल पहुंच सकता है। वहीं छत्तीसगढ़ में मानसून के 13 जून को जगदलपुर पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद 2 से 3 दिनों में रायपुर समेत अन्य क्षेत्रों में बारिश शुरू हो सकती है।
