रायपुर, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के कार्यों, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ के विकास का आधार है और सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण के साथ विभागीय कार्यों में तेजी लाने पर लगातार काम किया जा रहा है।
श्री साव ने बताया कि दिसंबर 2023 में सरकार बनने के बाद पिछले ढाई वर्षों में लोक निर्माण विभाग को 12,666 करोड़ रुपए से अधिक लागत के कुल 1,572 कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इनमें 1,285 सड़कें, 247 पुल और 42 भवन निर्माण के कार्य शामिल हैं।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में दिसंबर 2023 से मार्च 2024 तक 551 करोड़ 42 लाख रुपए के 80 कार्य स्वीकृत किए गए। इनमें 374 किलोमीटर लंबाई की 72 सड़कें, 6 पुल और 2 भवन शामिल हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,590 करोड़ 70 लाख रुपए लागत के 438 कार्यों को मंजूरी मिली, जिसमें 1,465 किलोमीटर लंबाई की 400 सड़कें, 37 पुल और एक भवन शामिल है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा। इस दौरान 9,129 करोड़ 18 लाख रुपए के 993 कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति मिली। इनमें 5,129.60 किलोमीटर लंबाई की 754 सड़कें, 200 पुल और 39 भवन शामिल हैं। यह राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में विभाग को मिली सबसे बड़ी प्रशासकीय स्वीकृति है।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 अगस्त तक 608 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें 608.20 किलोमीटर लंबाई की 59 सड़कें और दो पुलों के निर्माण कार्य शामिल हैं।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विभागीय कार्यों में तेजी लाने के साथ प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया गया है। इसके तहत सात नए संभागीय कार्यालय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं। इससे निर्माण कार्यों की निगरानी और स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही WAMIS (Work and Accounts Monitoring Integration System) लागू किया जाएगा। इसके माध्यम से डीपीआर तैयार करने से लेकर कार्यों की स्वीकृति और अन्य प्रक्रियाएं ऑनलाइन एवं एकीकृत प्रणाली से संचालित होंगी। इससे विभागीय प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम होगा और निर्माण कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी।
श्री साव ने कहा कि तकनीक के उपयोग से विभागीय कामकाज में सुगमता के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी में भी सुधार होगा। राज्य में “लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण” के मूलमंत्र के साथ अधोसंरचना विकास को नई गति देने के लिए विभाग लगातार सक्रियता से कार्य कर रहा है।
