रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “विकसित छत्तीसगढ़” का विस्तृत विजन प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से नक्सलवाद से उबरते बस्तर क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक पुनर्निर्माण की रूपरेखा देश के सामने रखी।
बस्तर को आर्थिक विकास का मॉडल बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। इसे रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय को दोगुना करना है।
डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
सीएम साय ने बताया कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों का पूरा मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और डॉक्टरों को बेहतर इलाज में मदद मिलेगी, जिससे ग्रामीण, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष लाभ होगा।
कृषि, सिंचाई और डेयरी मॉडल पर विशेष फोकस
सरकार ने बस्तर में डेयरी मॉडल लागू करने की योजना बनाई है, जिसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि स्थायी आय का स्रोत तैयार हो सके। साथ ही 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से दो बड़ी सिंचाई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं, जिनसे 32 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
बस्तर में मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में बस्तर के अधिकांश परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति माह करना है। इसके लिए खेती, पशुपालन, वन उपज और छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
200 सुरक्षा शिविर बनेंगे सेवा केंद्र
बस्तर में मौजूद लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग और स्वास्थ्य जैसी 371 सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।
पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने की योजना
सरकार चित्रकोट और सिरपुर जैसे स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। वॉटर स्पोर्ट्स, जंगल सफारी और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
डिजिटल और तकनीक आधारित विकास मॉडल
सीएम ने बताया कि छत्तीसगढ़ में निवेश को आसान बनाने के लिए 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। राज्य में सेमीकंडक्टर और एआई जैसे क्षेत्रों में भी निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही 341 पीएमश्री स्कूल, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल शिक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है।
किसानों और उद्योगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना
एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। इसके अलावा ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के जरिए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे किसानों और कारीगरों की आय में वृद्धि हो रही है।
विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन और स्टार्टअप मिशन जैसे कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को नवाचार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।
