दिवाली का पर्व मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और कुछ विशेष उपाय अपनाने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
दिवाली का त्योहार मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना का विशेष अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात को महानिशा की रात भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस रात की गई पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। इसी वजह से श्रद्धालु मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए विशेष पूजा-विधि और पारंपरिक उपाय अपनाते हैं।
पूजा की सही विधि
दिवाली के दिन घर की पूर्व दिशा या ईशान कोण में एक साफ चौकी स्थापित करें। चौकी पर लाल या गुलाबी कपड़ा बिछाकर सबसे पहले भगवान गणेश और उनके दाहिनी ओर मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद पूजा स्थल पर बैठकर जल छिड़कें और पूजा का संकल्प लें।
घी का दीपक जलाकर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी को फूल, फल और मिठाई अर्पित करें। सबसे पहले गणेश जी और फिर मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें। पूजा के अंत में आरती करें और शंख बजाएं। इसके बाद घर के मंदिर और मुख्य द्वार सहित अन्य स्थानों पर दीपक जलाएं।
दिवाली की रात करें ये 7 पारंपरिक उपाय
1. हल्दी की गांठ अर्पित करें: दिवाली की रात भगवान गणेश को हल्दी की दो गांठ अर्पित करें। अगले दिन इन्हें लाल कपड़े में बांधकर धन रखने के स्थान पर रखने की मान्यता है। इसे धन की बरकत और बचत से जोड़कर देखा जाता है।
2. कौड़ियों का उपाय: मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान दीपक के पास दो कौड़ियां रखें। अगले दिन इन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन रखने वाली जगह पर रखने की धार्मिक मान्यता है।
3. चांदी के सिक्के का उपाय: पूजा के समय गंगाजल में चांदी का सिक्का रखें। अगले दिन इस जल का घर में छिड़काव करें और सिक्के को अपने पर्स में रख लें। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता और समृद्धि बनी रहती है।
4. गोमती चक्र का उपाय: दिवाली की रात पांच गोमती चक्र लेकर उन पर सिंदूर लगाएं और हनुमान जी को अर्पित करें। अगले दिन इन्हें लाल कपड़े में बांधकर घर के सुरक्षित स्थान पर रखने की परंपरा बताई गई है।
5. धन की हांडी: मिट्टी की एक हांडी में सात प्रकार के अनाज, थोड़ा सिंदूर और एक सिक्का डालें। हांडी के मुंह पर लाल कपड़ा बांधकर इसे रसोई में रख दें। इसे अन्न और धन की समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
6. मां काली की आराधना: दिवाली की मध्यरात्रि में मां काली के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद ‘ॐ क्रीं कालिकायै नमः’ मंत्र का जाप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां काली की आराधना से नकारात्मकता दूर होती है।
7. मां लक्ष्मी के मंत्र का जाप: दिवाली की रात लाल आसन पर बैठकर मां लक्ष्मी के मंत्र ‘ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मी मम गृहे आगच्छ आगच्छ ह्रीं नमः’ का 11 माला जाप करें। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
दिवाली पर इन बातों का रखें ध्यान
दिवाली के दिन घर की साफ-सफाई करें और मुख्य द्वार को स्वच्छ रखें। दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण लगाना शुभ माना जाता है। पूजा में मिट्टी से बनी गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाओं का उपयोग करें। घर में सात्विक भोजन बनाएं और सबसे पहले भगवान को भोग लगाएं। इस दिन किसी का अपमान करने से बचें और जरूरतमंद लोगों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दें। धार्मिक परंपराओं में जुआ और अनैतिक गतिविधियों से दूर रहने की भी सलाह दी जाती है।
ध्यान रहे कि ये सभी उपाय धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। इनसे धन प्राप्ति या आर्थिक लाभ की कोई गारंटी नहीं है। दिवाली का वास्तविक संदेश स्वच्छता, सद्भाव, सेवा और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में खुशहाली लाना है।GNT
