टेक डेस्क : यदि आप एक यूट्यूब क्रिएटर (YouTube Creator) हैं या यूट्यूब पर वीडियो देखना पसंद करते हैं, तो आपके लिए एक बेहद जरूरी खबर है। यूट्यूब आगामी 24 अगस्त 2026 से अपने ‘व्यू काउंट’ सिस्टम को पूरी तरह बदलने जा रहा है। कंपनी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अब लॉन्ग-फॉर्म वीडियो (Long Videos), पॉडकास्ट, लाइव स्ट्रीम और शॉर्ट्स सभी के लिए व्यूज गिनने का एक ही समान नियम लागू होगा।
अब तक यूट्यूब पर व्यू तब काउंट होता था जब कोई यूजर वीडियो को कुछ सेकेंड (संभावित तौर पर 30 सेकेंड) तक देखता था। लेकिन नए नियम के बाद, जैसे ही वीडियो का पहला फ्रेम प्ले होगा (चाहे वो ऑटोप्ले में ही क्यों न हो), उसे तुरंत एक पब्लिक व्यू मान लिया जाएगा।
नए अपडेट में क्या-क्या बदल रहा है?
- पहली फ्रेम से ही काउंट (First-Frame Counting): वीडियो प्ले होते ही या गलती से क्लिक होकर तुरंत बंद करने पर भी व्यूज की संख्या बढ़ जाएगी।
- सभी फॉर्मेट्स पर एक नियम: यह नया नियम सामान्य वीडियो, शॉर्ट्स, पॉडकास्ट और लाइव स्ट्रीम समेत यूट्यूब के हर कंटेंट फॉर्मेट पर ग्लोबली लागू होगा।
- पब्लिक व्यू काउंट में उछाल: इस बदलाव के बाद क्रिएटर्स के वीडियो पर दिखने वाले पब्लिक व्यूज की संख्या पहले के मुकाबले काफी तेजी से और बड़ी दिखाई देगी।
- ऐतिहासिक वीडियो पर असर: 24 अगस्त से पहले अपलोड किए गए पुराने वीडियो के पुराने व्यूज वैसे ही रहेंगे, लेकिन उस तारीख के बाद उन पर आने वाले नए व्यूज नए सिस्टम से ही गिने जाएंगे।
‘Views’ और ‘Engaged Views’ का नया खेल
व्यूज की संख्या अचानक बढ़ने से विज्ञापनदाताओं (Advertisers) और असली रीच को समझने में भ्रम न हो, इसलिए यूट्यूब अब क्रिएटर्स को दो तरह के आंकड़े दिखाएगा:
- Public View Count (दिखने वाले व्यूज): जो वीडियो के नीचे सबको दिखाई देंगे। इसमें पहली फ्रेम चलते ही व्यू जुड़ जाएगा।
- Engaged Views (असली जुड़ाव): यह डेटा क्रिएटर को अपने यूट्यूब स्टूडियो (YouTube Analytics Advanced Mode) में दिखेगा। इससे पता चलेगा कि कितने लोगों ने वास्तव में वीडियो को कुछ समय तक रुककर देखा है, न कि सिर्फ क्लिक करके छोड़ दिया।
कमाई (Monetization) और क्रिएटर्स पर क्या असर होगा?
यूट्यूब ने साफ किया है कि इस अपडेट से क्रिएटर्स की कमाई या मोनेटाइजेशन पात्रता पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम (YPP) और विज्ञापनों से होने वाली कमाई पहले की तरह केवल ‘Engaged Views’ और ‘Watch Time’ के आधार पर ही तय की जाएगी, न कि इस बढ़े हुए पब्लिक व्यू काउंट से।
यूट्यूब ने यह कदम टिकटॉक (TikTok) और इंस्टाग्राम रील्स (Instagram Reels) जैसे प्रतिद्वंदियों को टक्कर देने और अपने सभी वीडियो फॉर्मेट्स में एकरूपता लाने के लिए उठाया है।
