रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देती है, जबकि रोजगार उनके सपनों को साकार करने का मजबूत आधार है। राज्य सरकार उत्कृष्ट शिक्षा, आधुनिक तकनीक और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से प्रदेश के बच्चों और युवाओं का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर के जोरा स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईबीसी24 ‘स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न संभागों की टॉपर छात्राओं को सम्मानित कर स्कॉलरशिप प्रदान की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कक्षा 12वीं की परीक्षा में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बेमेतरा की ओमनी वर्मा को मुख्यमंत्री ने एक लाख रुपए की स्कॉलरशिप और सम्मान पत्र प्रदान किया। उनके विद्यालय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम कन्या विद्यालय, बेमेतरा को भी एक लाख रुपए का पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली पुस्तक ‘मेधा’ का विमोचन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने राज्य निर्माण के 25 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज प्रदेश में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक संस्थानों का व्यापक नेटवर्क उपलब्ध है। आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी प्रदेश में संचालित हो रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 34 स्थानों पर नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। इन परिसरों में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधायुक्त और शांत वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के जनजातीय युवाओं के लिए 200 बिस्तरों वाला ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित है, जहां रहकर तैयारी करने वाले 13 विद्यार्थियों ने इस वर्ष यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना जरूरी है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ एआई मिशन शुरू किया जा रहा है, जिसके लिए राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया है। मिशन के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। जगरगुंडा और ओरछा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, राशन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है।
उन्होंने बस्तर में पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा सहित अनेक प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। धुड़मारास गांव का संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। सरकार पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने के लिए होमस्टे सहित विभिन्न गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 को देश-विदेश में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। इसके तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश के एमओयू हुए हैं। स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। बारिश के बाद प्रदेश में रोजगार मेलों का आयोजन कर युवाओं को उद्योगों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और निरंतर मेहनत करें। राज्य सरकार शिक्षा, तकनीक और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
