Team India New Fielding Coach Subhadeep Ghosh: भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ में श्रीलंका दौरे से पहले अहम बदलाव किया गया है। बीसीसीआई ने फील्डिंग कोच टी दिलीप का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। उनकी जगह अनुभवी कोच सुभदीप घोष को भारतीय टीम का नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है। सुभदीप श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से अपने नए कार्यकाल की शुरुआत करेंगे और रिपोर्ट्स के अनुसार 2027 वनडे विश्व कप तक इस भूमिका में टीम के साथ जुड़े रहेंगे।
बिना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेले बने टीम इंडिया के कोच
सुभदीप घोष भले ही भारत के लिए कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल पाए, लेकिन कोचिंग के क्षेत्र में उनका अनुभव बेहद समृद्ध माना जाता है। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम, भारत अंडर-19 टीम और इंडिया ‘ए’ टीम के साथ फील्डिंग कोच के रूप में काम किया है। इस वर्ष भारतीय अंडर-19 टीम की सफलता में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके बाद उन्हें सीनियर टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई।
आईपीएल और एनसीए में भी निभा चुके हैं अहम भूमिका
सुभदीप घोष इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह 2018 में दिल्ली कैपिटल्स और 2019 में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ फील्डिंग कोचिंग स्टाफ का हिस्सा रहे। इसके बाद उन्होंने बीसीसीआई के नेशनल क्रिकेट अकादमी (अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में काम किया और युवा खिलाड़ियों की फील्डिंग स्किल्स को निखारने में अहम योगदान दिया। 2021 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई इंडिया ‘ए’ टीम के साथ भी उन्होंने फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी निभाई थी।
घरेलू क्रिकेट में रहा सीमित सफर
सुभदीप घोष ने घरेलू क्रिकेट में असम और रेलवे की ओर से खेलते हुए 17 प्रथम श्रेणी और 17 लिस्ट-ए मुकाबले खेले। हालांकि उनका खेल करियर ज्यादा लंबा नहीं रहा और उन्होंने वर्ष 2005 में अपना आखिरी घरेलू मैच खेला। इसके बावजूद कोचिंग के क्षेत्र में उन्होंने लगातार मेहनत करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और अब उन्हें भारतीय सीनियर टीम का हिस्सा बनने का मौका मिला है।
फील्डिंग में सुधार की बड़ी चुनौती
हाल के विदेशी दौरों पर भारतीय टीम की फील्डिंग प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे थे। आयरलैंड, इंग्लैंड और जिम्बाब्वे दौरे के दौरान टीम ने कई अहम कैच छोड़े, जिससे मैचों पर असर पड़ा। ऐसे में बीसीसीआई ने फील्डिंग विभाग में बदलाव करते हुए सुभदीप घोष पर भरोसा जताया है। अब उनसे उम्मीद होगी कि वह टीम की फील्डिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं और आगामी बड़े टूर्नामेंटों में भारत की तैयारी को और मजबूत बनाएं।
