विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुरुवार को कोरिया जिले में समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सहायक आयुक्त एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
बताया गया कि खाद वितरण में गड़बड़ी को लेकर समीक्षा के दौरान अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए ‘ऑन द स्पॉट’ फैसला सुनाया। वहीं, खड़गंवा की जिल्दा समिति के प्रभारी शाखा प्रबंधक एवं नोडल अधिकारी कोरिया कल्लू प्रसाद मिश्रा पर भी कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री के इस सख्त रवैये से बैठक में मौजूद अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री ने कोरिया, सूरजपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों का औचक निरीक्षण किया। समीक्षा बैठक चिरमिरी स्थित एसईसीएल के तानसेन भवन से वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सहित तीनों जिलों के कलेक्टर, एसपी, डीएफओ और जिला पंचायत सीईओ मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट नहीं होना चाहिए। यदि कहीं समस्या आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने और सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि यदि योजनाओं के संचालन में लापरवाही सामने आती है तो सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
