Hormuz Street : नई दिल्ली: होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय टैंकर पर ईरानी नेवी द्वारा फायरिंग की घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले का विरोध दर्ज कराने के लिए ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फथअली को समन भेजा है।
घटना का विवरण
होर्मुज स्ट्रेट के पास ओमान क्षेत्र में ईरानी नेवी ने दो व्यापारी जहाजों पर फायरिंग की, जिसमें एक भारतीय टैंकर भी शामिल था। टैंकर में करीब 20 लाख बैरल इराकी तेल लदा हुआ था। हालांकि, इस हमले में किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं है। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है।
MEA का सख्त एक्शन
विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। सूत्रों के अनुसार, MEA ने घटना पर गहरी चिंता जताई है। ईरानी राजदूत शनिवार को तुरंत विदेश मंत्रालय पहुंचे, जहां भारतीय पक्ष ने इस अनचाहे हमले की निंदा की।
ईरान में कंफ्यूजन की स्थिति
सूत्र बताते हैं कि वर्तमान में ईरान में युद्ध की वजह से अलग-अलग सैन्य इकाइयों और नेवी के बीच समन्वय की कमी है। इसी कन्फ्यूजन के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इससे पहले अमेरिका की तरफ से भी गलती से अपने या सहयोगी जहाजों पर फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं।
होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद
इस घटना से पहले शनिवार सुबह ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने की घोषणा की थी। अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकाबंदी के जवाब में ईरान ने इस महत्वपूर्ण जल मार्ग पर कड़ा नियंत्रण लागू कर दिया है। इसके बाद कई वाणिज्यिक जहाजों ने होर्मुज से गुजरने का प्रयास छोड़ दिया है।
