Women Reservation Bill : नई दिल्ली। महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिर गया। करीब 21 घंटे की लंबी चर्चा के बाद शुक्रवार शाम को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बिल को पारित करने के लिए सदन के सामने रखा, लेकिन दो तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण बिल पास नहीं हो सका।
वोटिंग का आंकड़ा
स्पीकर ओम बिरला ने मत विभाजन की घोषणा करते हुए कहा कि बिल के पक्ष में 298 वोट और विपक्ष में 230 वोट पड़े। संविधान संशोधन बिल के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है, जो इस मामले में पूरा नहीं हुआ। स्पीकर ने व्यवस्था दी कि इस बिल पर आगे की कोई कार्यवाही संभव नहीं है। बिल विचार के स्तर पर ही गिर गया।
अन्य बिल भी नहीं बढ़े
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े अन्य दो बिल भी आगे नहीं बढ़ाए जाएंगे।
चर्चा के दौरान हंगामा
बिल पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को सदन में जोरदार हंगामा हुआ। पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी देखने को मिली। राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने बिल का विरोध किया और परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
