Harivansh Rajya Sabha Deputy Chairman : नई दिल्ली। राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए हुए निर्वाचन में हरिवंश निर्विरोध तीसरी बार इस उच्च पद पर चुने गए हैं। वे राज्यसभा के पहले मनोनीत सदस्य हैं जिन्हें यह महत्वपूर्ण पद मिला है। उनके निर्वाचन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बधाई दी।
निर्विरोध निर्वाचन और ऐतिहासिक पहल
हरिवंश का राज्यसभा सदस्यता का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें दोबारा मनोनीत किया। 10 अप्रैल को उन्होंने सदस्यता की शपथ ली। केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन एस. फांग्नोन कोन्यक ने किया। यह पहला मौका है जब किसी मनोनीत सदस्य को राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है।
पीएम मोदी की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को बधाई देते हुए कहा कि लगातार तीसरी बार इस पद पर निर्विरोध चुना जाना सदन में उनके प्रति गहरे विश्वास का प्रमाण है। पीएम मोदी ने उनके अनुभव, सभी को साथ लेकर चलने की कार्यशैली और पत्रकारिता के उच्च मानकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरिवंश ने अपनी MPLAD फंड का उपयोग विश्वविद्यालयों में शोध परियोजनाओं के लिए किया और युवाओं में विकसित भारत के प्रति विश्वास जगाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
खरगे ने जताई बधाई, विपक्ष के लिए समय की उम्मीद
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी हरिवंश को बधाई दी। खरगे ने उम्मीद जताई कि नए उपसभापति विपक्ष को सदन में पर्याप्त समय देंगे। उन्होंने लोकसभा में उपाध्यक्ष पद के सात साल से रिक्त होने पर दुख जताया और कहा कि यह संविधान की भावना के विपरीत है।
सदन में हरिवंश के निर्वाचन के प्रस्ताव के दौरान समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने वॉकआउट किया।
हरिवंश पत्रकारिता से राजनीति में आए हैं और राज्यसभा में उनका यह तीसरा कार्यकाल है। उनका निर्विरोध निर्वाचन संसद की परंपराओं को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
