छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस पहल के तहत राज्यभर के लोगों को अब बेहतर और भरोसेमंद डायग्नोस्टिक सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।
सरकार ने इस योजना के लिए HLL Lifecare Limited के साथ समझौता किया है, जिसके तहत राज्य के 1051 स्वास्थ्य संस्थानों में नई जांच सेवाएं शुरू की जाएंगी। इससे खासतौर पर ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
‘अटल आरोग्य लैब’ की स्थापना
इस योजना के अंतर्गत पूरे राज्य में ‘अटल आरोग्य लैब’ स्थापित की जाएंगी। इन लैब्स का उद्देश्य लोगों को सस्ती, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अब मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
“हब एंड स्पोक” मॉडल पर आधारित व्यवस्था
पूरी योजना को Chhattisgarh Integrated Diagnostic Management System (CGIDMS) के तहत लागू किया जाएगा, जो “हब एंड स्पोक” मॉडल पर आधारित होगी। इसमें एक मुख्य लैब (हब) कई छोटी लैब्स (स्पोक) से जुड़ी रहेगी, जिससे जांच प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित होगी।
व्यापक नेटवर्क तैयार
इस नेटवर्क में स्टेट रेफरल लैब, 4 संभागीय लैब, 33 जिला लैब, 12 सिविल अस्पताल लैब और 187 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल किए जाएंगे। इससे पूरे राज्य में एक मजबूत डायग्नोस्टिक सिस्टम तैयार होगा।
रिपोर्ट सीधे मोबाइल पर
योजना की सबसे खास बात यह है कि मरीजों को जांच रिपोर्ट के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सीधे उनके मोबाइल पर भेज दी जाएगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
इस पहल से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ आम लोगों को बेहतर और समय पर इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
