PM Modi in Lok Sabha : नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष ने भारत के सामने आर्थिक, सुरक्षा और मानवीय मोर्चे पर अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। लोकसभा में सोमवार को विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संकट पर विस्तृत बयान दिया। उन्होंने कहा कि तीन हफ्ते से अधिक समय से चले आ रहे युद्ध के बावजूद सरकार पूरी सतर्कता और तैयारी के साथ स्थिति का सामना कर रही है। पीएम ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
3.75 लाख भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौटे
प्रधानमंत्री ने सदन को बताया कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों से अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। इनमें से ईरान से ही एक हजार से ज्यादा लोग स्वदेश पहुंचे हैं, जिनमें लगभग 700 मेडिकल छात्र शामिल हैं। पीएम ने कहा कि भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दूतावास, हेल्पलाइन और विशेष उड़ानों के जरिए हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। उन्होंने जोर दिया कि संसद से एकजुट आवाज दुनिया को जानी चाहिए ताकि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
होर्मुज स्ट्रेट की रुकावट अस्वीकार्य, शांति पर जोर
पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह की रुकावट अस्वीकार्य है, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का महत्वपूर्ण मार्ग है। उन्होंने तनाव कम करने और शांति बहाल करने की अपील की। पीएम ने कहा कि भारत हमेशा कूटनीति और संवाद के पक्ष में रहा है और इस संकट को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए सभी पक्षों से बातचीत को प्रोत्साहित कर रहा है।
तेल-गैस आपूर्ति पर मजबूत तैयारी
प्रधानमंत्री ने सदन को सूचित किया कि देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार उपलब्ध है। पिछले एक दशक में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदम आज बहुत प्रासंगिक साबित हो रहे हैं। सरकार हर संभव स्रोत से कच्चा तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी है। पीएम ने भरोसा दिलाया कि आम नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।
अफवाह और जमाखोरी के खिलाफ सख्त चेतावनी
पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि संकट के समय अफवाह फैलाने वालों और जमाखोरों पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। सरकार जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कड़े कदम उठाएगी और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी। उन्होंने नागरिकों से धैर्य, संयम और एकजुटता बनाए रखने की अपील की ताकि देश इस चुनौती से मजबूती से उबर सके।
