Iran and US-Israel War: नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में बढ़ते ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच संघर्ष ने वैश्विक चिंता को और गहरा कर दिया है। लगातार हो रहे हमलों और पलटवारों के बीच हालात गंभीर होते जा रहे हैं। इस संकट के बीच भारत ने स्पष्ट रूप से शांति, संयम और कूटनीतिक समाधान की अपील की है।
पिछले 48 घंटों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी क्षेत्र के 8 देशों के शीर्ष नेताओं से फोन पर बातचीत कर स्थिति पर चर्चा की और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
किन देशों से हुई प्रधानमंत्री की बातचीत?
प्रधानमंत्री मोदी ने जिन देशों के नेताओं से संपर्क साधा, उनमें शामिल हैं:
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
- इजराइल
- सऊदी अरब
- जॉर्डन
- बहरीन
- ओमान
- कुवैत
- कतर
इन वार्ताओं के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता, भारतीय समुदाय की सुरक्षा और मौजूदा हालात पर गहन चर्चा हुई।
ओमान और कुवैत से विशेष चर्चा
प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान और कुवैत के क्राउन प्रिंस से बात कर वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई पर जोर दिया। उन्होंने हमलों को लेकर चिंता व्यक्त की और भारतीय समुदाय को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
कतर पर हमले की निंदा
प्रधानमंत्री ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से भी बातचीत की। कतर पर हुए हमलों की निंदा करते हुए उन्होंने वहां भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कतर सरकार का धन्यवाद किया।
विदेश मंत्रालय का बयान: संयम और बातचीत ही समाधान
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत ने 28 फरवरी को ही संघर्ष की शुरुआत पर गहरी चिंता जताई थी। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव न बढ़ाने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की थी।
मंत्रालय ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में हालात का लगातार बिगड़ना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। संघर्ष का दायरा अब अन्य देशों तक फैलता दिखाई दे रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
गल्फ क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और कल्याण भारत सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास लगातार भारतीय समुदाय और स्थानीय संगठनों के संपर्क में हैं। जरूरत के अनुसार एडवाइजरी जारी की जा रही हैं और संघर्ष में फंसे लोगों को हर संभव मदद दी जा रही है।
व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर की आशंका
खाड़ी क्षेत्र भारत की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। किसी भी बड़े व्यवधान का भारत की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
भारत ने मर्चेंट शिपिंग पर हो रहे हमलों का भी कड़ा विरोध किया है। हाल के दिनों में ऐसे हमलों में कुछ भारतीय नागरिकों की जान गई है या वे लापता हैं, जिसे लेकर सरकार गंभीर है।
भारत की स्पष्ट नीति: युद्ध नहीं, संवाद
भारत ने दोहराया है कि वह इस संघर्ष को जल्द समाप्त करने के पक्ष में है। कूटनीति और संवाद ही इस संकट का एकमात्र समाधान है।
सरकार ने कहा है कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री लगातार अपने समकक्षों से संपर्क में हैं। बदलते हालात पर नजर रखी जा रही है और देशहित में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
