ग्लोबल टेलीकॉम दिग्गज नोकिया ने भारत में अपनी मजबूत वापसी का संकेत देते हुए चेन्नई में दुनिया का सबसे बड़ा फिक्स्ड नेटवर्क रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर शुरू किया है। करीब ₹270 करोड़ के निवेश से स्थापित यह अत्याधुनिक सुविधा 100G ऑप्टिकल नेटवर्क के साथ-साथ भविष्य की 5G और 6G टेक्नोलॉजी पर काम करेगी।
तमिलनाडु सरकार और नोकिया के बीच अगस्त 2024 में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद अब यह परियोजना धरातल पर उतर चुकी है। SIPCOT सिरुसेरी, चेन्नई में शुरू हुआ यह केंद्र फिक्स्ड नेटवर्क टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी आरएंडडी लैब के रूप में देखा जा रहा है।
नोकिया ने अपने पहले चरण के निवेश को ₹220 करोड़ से बढ़ाकर ₹270 करोड़ कर दिया है। कंपनी की योजना दूसरे चरण में लगभग ₹300 करोड़ के अतिरिक्त निवेश की भी है। यह संकेत देता है कि नोकिया भारत, विशेषकर तमिलनाडु को दीर्घकालिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने पर फोकस कर रही है।
इस रिसर्च सेंटर में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 10G, 25G, 50G और 100G ऑप्टिकल नेटवर्क, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) और अगली पीढ़ी की फिक्स्ड नेटवर्क ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजी पर अनुसंधान और परीक्षण किया जाएगा। यह सुविधा एक ग्लोबल टेस्ट-बेड के रूप में काम करेगी, जहां नई तकनीकों को विकसित और परखा जाएगा।
इस परियोजना से 200 से अधिक हाई-एंड टेक्नोलॉजी आधारित नौकरियों के सृजन की उम्मीद है। साथ ही, एडवांस नेटवर्किंग, डीप-टेक और इंजीनियरिंग स्किल्स को बढ़ावा मिलेगा, जिससे चेन्नई की पहचान केवल आईटी हब के रूप में नहीं, बल्कि टेलीकॉम इनोवेशन हब के रूप में भी मजबूत होगी।
तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा ने कहा कि यह निवेश मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की अमेरिका यात्रा के दौरान किए गए वादों का परिणाम है। उन्होंने इसे राज्य को ग्लोबल डीप-टेक और इंजीनियरिंग कंपनियों की पसंदीदा मंज़िल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
टेलीकॉम विशेषज्ञों का मानना है कि नोकिया का यह आरएंडडी सेंटर भारत की ग्लोबल टेलीकॉम वैल्यू चेन में भूमिका को और मजबूत करेगा। साथ ही, भविष्य के ब्रॉडबैंड और 5G/6G बैकबोन नेटवर्क के विकास में यह केंद्र अहम योगदान देगा।
