Neeraj Chopra-Jan Zelezny: भारतीय भाला फेंक स्टार और ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने चेक गणराज्य के दिग्गज कोच जान ज़ेलेज़नी के साथ एक साल के कार्यकाल के बाद अलग होने का फैसला किया है। यह निर्णय दोनों पक्षों की आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण माहौल में लिया गया है।
हालांकि अलग होने का सटीक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इस दौरान नीरज ने तकनीकी रूप से अहम प्रगति की। प्रतियोगिताओं में उनका प्रदर्शन हालांकि कुछ मौकों पर शानदार रहा, तो कुछ में अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका।
नीरज बोले— ज़ेलेज़नी से बहुत कुछ सीखने को मिला
नीरज चोपड़ा ने कहा कि जान ज़ेलेज़नी के साथ काम करना उनके लिए सीख से भरा अनुभव रहा।
उन्होंने कहा,
“जान के साथ काम करने से मुझे कई नए विचार मिले। तकनीक, लय और गति को लेकर उनकी सोच अद्भुत है। उनके साथ हर ट्रेनिंग सत्र से मैंने बहुत कुछ सीखा।”
पहले कोच जय चौधरी से फिर जुड़ने की तैयारी
जान ज़ेलेज़नी से अलग होने के बाद अब खबर है कि नीरज चोपड़ा अपने पहले कोच जय चौधरी के साथ फिर से जुड़ सकते हैं। जय चौधरी वही कोच हैं जिन्होंने नीरज को भाला फेंक की दुनिया से परिचित कराया था और वर्तमान में पानीपत में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जय चौधरी नीरज की टीम में सलाहकार की भूमिका निभा सकते हैं और उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
गौरतलब है कि ज़ेलेज़नी ने 2024 के अंत में नीरज के कोच के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी, जब पूर्व कोच डॉ. क्लाउस बार्टोनीट्ज़ ने उम्र संबंधी कारणों से पद छोड़ा था।
ज़ेलेज़नी बोले— नीरज के साथ काम करना शानदार अनुभव
जान ज़ेलेज़नी ने भी इस साझेदारी को सकारात्मक बताते हुए कहा कि नीरज जैसे एथलीट के साथ काम करना उनके लिए यादगार अनुभव रहा।
उन्होंने कहा,
“मुझे खुशी है कि मैंने नीरज को 90 मीटर की बाधा पार करने में मदद की। हमारा रिश्ता सिर्फ कोच-एथलीट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मानवीय स्तर पर भी मजबूत रहा है। हम भविष्य में भी संपर्क में रहेंगे।”
90 मीटर का ऐतिहासिक आंकड़ा
इस साझेदारी के दौरान नीरज चोपड़ा ने 2025 दोहा डायमंड लीग में अपने करियर में पहली बार 90 मीटर से अधिक का थ्रो फेंका। यह कोच और एथलीट के रूप में दोनों की पहली साझा प्रतियोगिता भी थी।
इसके अलावा, नीरज ने पेरिस डायमंड लीग, ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक और एनसी क्लासिक में भी खिताब जीते।
