बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली, जब नारायणपुर जिले के मांझी-चालकी और ‘बस्तर पंडुम’ प्रतियोगिता के विजेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को बस्तर की लोक परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था से अवगत कराया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 30 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति भवन पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में ‘बस्तर पंडुम’ के विजेता, मांझी-चालकी प्रतिनिधि और पद्मश्री सम्मानित कलाकार शामिल थे। इससे पहले 27 जुलाई को नारायणपुर से नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल ने प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली के लिए रवाना किया था।
प्रतिनिधिमंडल में जनजातीय आभूषण विधा की विजेता मुंगड़ी कोर्राम और सुदनी दुग्गा ने बस्तर की पारंपरिक आभूषण कला और उसकी सांस्कृतिक महत्ता की जानकारी दी। वहीं एड़का परगना के मांझी राजाराम, करंगाल परगना के मांझी सुधवाराम करंगा, गोटाली परगना के मांझी मंगतू राम ध्रुव, नूरदेश परगना के मांझी गुड्डू पोटाई तथा करंगाल परगना के चालकी सोमारू राम ने बस्तर की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था और सामाजिक रीति-रिवाजों से राष्ट्रपति को अवगत कराया।
इस ऐतिहासिक मुलाकात से नारायणपुर सहित पूरे बस्तर संभाग में उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि इससे जनजातीय कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा।
