मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड स्थित ग्राम गुतकिया की वर्षों पुरानी निष्क्रिय सिंचाई योजना को पुनर्जीवित किया गया है। इससे अब क्षेत्र के किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
लगभग 12 लाख रुपये की लागत से हुआ नहर मरम्मत कार्य
प्रधानमंत्री Narendra Modi की प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की भावना के अनुरूप जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने गुतकिया व्यपवर्तन योजना की नहर मरम्मत का कार्य पूरा किया है। इस कार्य के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 11 लाख 98 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी।
जल संसाधन विभाग द्वारा निर्धारित समयसीमा में मरम्मत कार्य पूरा कर योजना को पुनः क्रियाशील बनाया गया है, जिससे लंबे समय से बंद पड़ी सिंचाई व्यवस्था फिर से किसानों के उपयोग में आ सकेगी।
100 एकड़ कृषि भूमि होगी सिंचित
नहर मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम गुतकिया एवं आसपास के क्षेत्रों की लगभग 100 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे किसान खरीफ के साथ-साथ रबी मौसम में भी खेती कर सकेंगे।
बेहतर सिंचाई व्यवस्था के कारण फसल उत्पादन में वृद्धि होने के साथ किसानों की आय बढ़ने की संभावना है। इससे कृषि पर निर्भर परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
फसल विविधीकरण को मिलेगा बढ़ावा
कृषि विभाग किसानों को धान के अलावा अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से सब्जी, दलहन, तिलहन और अन्य नकदी फसलों की खेती का विस्तार होगा, जिससे क्षेत्र में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
आदिवासी किसानों को होगा विशेष लाभ
यह परियोजना विशेष रूप से आदिवासी बहुल क्षेत्र के किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी। सिंचाई सुविधा मजबूत होने से खेती अधिक उत्पादक और लाभदायक बनेगी, जिससे ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने नहर मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे कृषि विकास, जल प्रबंधन और आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। गुतकिया की यह पुनर्जीवित सिंचाई योजना अब क्षेत्र में कृषि परिवर्तन का नया उदाहरण बनकर उभर रही है।
