कृषि मंत्री Ramvichar Netam ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के रामपुर स्थित एमएम मत्स्य हेचरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न यूनिट का अवलोकन कर मत्स्य बीज उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी ली और आधुनिक तकनीक से हो रहे उत्पादन की सराहना की।
करीब 65 एकड़ जलक्षेत्र में विकसित इस हेचरी में प्रतिवर्ष लगभग 11 करोड़ मत्स्य बीज का उत्पादन किया जा रहा है। इसमें मोनोसेक्स तिलापिया, पंगेशियस और भारतीय प्रमुख प्रजातियां जैसे रोहु, कतला और मृगल शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यहां उत्पादित उन्नत किस्म के मत्स्य बीजों की आपूर्ति छत्तीसगढ़ के साथ-साथ Madhya Pradesh, Odisha, Uttar Pradesh, Jharkhand और West Bengal में भी की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि इस तरह की आधुनिक हेचरियां मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। निरीक्षण के दौरान मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी और हेचरी संचालक भी उपस्थित रहे।
