रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की संचालक मंडल की बैठक में आवंटियों, हितग्राहियों और कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। अध्यक्ष नंद कुमार साहू की अध्यक्षता और उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा की उपस्थिति में हुई बैठक में किश्त जमा करने की समय-सीमा बढ़ाने, सरचार्ज कम करने और निर्माण में देरी होने पर हितग्राहियों को आर्थिक राहत देने का निर्णय लिया गया।
अब प्राधिकरण की पूर्ण हो चुकी योजनाओं में राशि जमा करने के लिए आवंटियों को **45 दिन की जगह 60 दिन** का समय मिलेगा। वहीं बकाया राशि पर लगने वाला सरचार्ज **12 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत** कर दिया गया है।
निर्माण कार्य में देरी होने की स्थिति में किश्तों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। निर्माण में हुई देरी की अवधि के लिए आवंटियों से ब्याज नहीं लिया जाएगा। किश्त की राशि वास्तविक निर्माण प्रगति के आधार पर तय करने का भी निर्णय लिया गया है।
निर्माण की गुणवत्ता और एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए **Defect Liability Period (DLP) को बढ़ाकर 5 वर्ष** किया गया है। इससे निर्माण में सामने आने वाली खामियों के लिए संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी लंबे समय तक तय की जा सकेगी।
**प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)** के आवासों की 10 वर्ष की विक्रय-प्रतिबंध अवधि की गणना में भी राहत दी गई है। निर्माण अवधि के दौरान आवंटन होने पर लॉक-इन अवधि की गणना प्रस्तावित पूर्णता तिथि या भवन की पूरी राशि जमा करने की तिथि, इनमें जो पहले हो, उससे की जाएगी।
इसके अलावा प्राधिकरण में कार्यरत **प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन में 10 प्रतिशत वृद्धि** को भी मंजूरी दी गई है।
अध्यक्ष नंद कुमार साहू ने कहा कि निर्माण में देरी का आर्थिक बोझ हितग्राहियों पर नहीं आना चाहिए। प्राधिकरण का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को प्राथमिकता देते हुए आवंटियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वहीं उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. शर्मा और सीईओ अवनीश कुमार शरण ने प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया।
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