रायपुर: महिला एवं बाल विकास विभाग ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से राज्य में पोषण, बाल विकास और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को मजबूत करने की पहल शुरू की है। इसी उद्देश्य से सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में विभाग और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उद्योगों के साथ दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों का समग्र विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि CSR सहयोग से पोषण, आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, महिला सशक्तिकरण और नवाचार आधारित परियोजनाओं को नई दिशा और गति मिलेगी।
उन्होंने उद्योगों से विभाग के साथ साझेदारी बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा, “आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे।”
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री, पोषण संवर्धन, स्वच्छ पेयजल, खेल सामग्री, स्वच्छता सुविधाओं और नवाचार आधारित गतिविधियों के विस्तार पर चर्चा की गई।
विभाग ने बताया कि CSR के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन, पोषण वाटिका एवं मुनगा पौधारोपण, प्रारंभिक बाल विकास, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम तथा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने विभागीय योजनाओं में सहयोग की इच्छा जताते हुए अपने सुझाव साझा किए। इस दौरान निर्णय लिया गया कि विभाग और उद्योगों के बीच नियमित समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से CSR परियोजनाओं को लागू किया जाएगा।
CSR सहयोग से केवल अधोसंरचना विकास ही नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता, पोषण, डिजिटल सशक्तिकरण और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि CSR सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘पंखुड़ी’ पोर्टल तथा राज्य शासन द्वारा ‘सर’ (State CSR) पोर्टल संचालित किया जा रहा है। इन माध्यमों से विभागीय प्राथमिकताओं और CSR परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।
