बीजापुर। छत्तीसगढ़ शासन ने सुशासन और डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लोक सेवा केन्द्रों का उन्नयन कर उन्हें अब ‘‘सेवा सेतु केन्द्र’’ के रूप में संचालित करना शुरू कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है।
नई व्यवस्था के तहत पूर्व में लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से उपलब्ध 73 सेवाओं के स्थान पर अब सेवा सेतु केन्द्रों के जरिए 442 डिजिटल सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही लोक सेवा केन्द्रों के ऑपरेटर अब ‘‘सेवा सेतु प्रबंधक’’ कहलाएंगे। जिले के सभी ब्लॉकों के सचिवों को इस संबंध में प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब नागरिकों को विभिन्न प्रमाण पत्रों और अन्य शासकीय सेवाओं के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही प्लेटफॉर्म पर आवेदन, दस्तावेज अपलोड, आवेदन की स्थिति की जानकारी और निर्धारित समय सीमा में सेवा प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध होगी।
इस पहल का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। अब उन्हें छोटे-छोटे कार्यों या प्रमाण पत्रों के लिए तहसील अथवा जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। गांव के नजदीकी सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से ही अधिकांश सेवाएं प्राप्त की जा सकेंगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
पोर्टल को पंचायत स्तर तक विस्तारित किया गया है और इसे एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। नागरिक अपनी आवश्यकता अनुसार सेवाओं का चयन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सेवा सेतु की सेवाओं को व्हाट्सएप से भी जोड़ा गया है। अब नागरिक घर बैठे व्हाट्सएप के माध्यम से सेवाओं और आवेदन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राजस्व प्रकरण तथा नाम परिवर्तन के लिए राजपत्र प्रकाशन जैसी अनेक महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रत्येक सेवा के लिए निर्धारित समय-सीमा तय होने से कार्यों के निराकरण में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ी हैं।
