रायपुर, 29 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साधु-बाबा बनकर पूजा-पाठ के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने बीमारी और घरेलू समस्याओं को दूर करने का झांसा देकर एक महिला को अपने जाल में फंसाया और करीब 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण व नकदी ठग ली। मामले में पुलिस ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी एक युवक और विधि से संघर्षरत एक बालक को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से करीब 3 लाख रुपये कीमत के 17 ग्राम सोने के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त किया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला रायपुर के गंज थाना क्षेत्र का है। फाफाडीह स्थित जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स निवासी जसवंत परमार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 में तीन अज्ञात व्यक्ति साधु के वेश में उनके घर पहुंचे थे। आरोपियों ने उनकी पत्नी की बीमारी, आंखों की परेशानी और घरेलू समस्याओं से जुड़ी कुछ बातें बताकर उनका विश्वास जीत लिया।
पूजा-पाठ के बहाने पहली बार ले गए सोने की अंगूठी और नकदी
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने समस्याओं के समाधान के लिए पूजा-पाठ करने की बात कही। इसी बहाने उन्होंने पहली बार महिला से सोने की अंगूठी और नकदी ले ली। करीब 10 से 12 दिन बाद आरोपी दोबारा घर पहुंचे और पूजा-पाठ के बाद जेवरात वापस करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद वे सोने की चेन सहित अन्य सोने-चांदी के आभूषण भी लेते रहे।
आरोपियों ने महिला को किसी को भी इस बारे में बताने पर परिवार के सदस्यों की मृत्यु होने या अनहोनी होने का डर दिखाया। भय के कारण महिला ने शुरुआत में किसी को इसकी जानकारी नहीं दी।
फोन पर करने लगे और जेवरात व नकदी की मांग
पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर 2026 से आरोपियों ने महिला को लगातार फोन करना शुरू कर दिया और उससे और अधिक जेवरात व नकदी की मांग करने लगे। इस दौरान महिला को संदेह हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है। आरोपियों ने न तो कोई पूजा-पाठ कराया और न ही पहले लिए गए आभूषण वापस किए।
इसके बाद जसवंत परमार ने पुलिस से शिकायत की। प्रारंभिक शिकायत के आधार पर तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंज थाने में अपराध क्रमांक 283/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शिकायत में ठगी की कुल रकम और आभूषणों की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई गई है।
मोबाइल नंबरों के तकनीकी विश्लेषण से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त मध्य क्षेत्र तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विवेक शुक्ला और सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली दीपक मिश्रा ने आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी गंज निरीक्षक दीपक पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी से पूछताछ की। इसके बाद आरोपियों के संपर्क में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर
