रायपुर, 17 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ ने विद्यालयीन शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय AI Conclave का आयोजन किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में AI के उपयोग को लेकर राज्य स्तरीय पहल करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शाला त्यागी यानी ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विकसित ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव से सामने आए तकनीकी और शैक्षणिक निष्कर्ष शिक्षकों के लिए उपयोगी होंगे तथा विद्यार्थियों के कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी।
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलजीत सिंह ने कहा कि तकनीकी युग में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर समन्वय से AI के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI शिक्षकों का विकल्प नहीं होगा, बल्कि उनके सहायक साथी के रूप में कार्य करेगा।
आयुक्त, समग्र शिक्षा डॉ. किरण कौशल ने कहा कि AI की मदद से स्मार्ट क्लास और ICT लैब का अधिक प्रभावी उपयोग संभव होगा। इससे सरल और सुगम शिक्षा को प्रदेश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
कॉन्क्लेव में Google, Wadhwani AI, Amazon, Microsoft, Adobe, Khan Academy और Physics Wallah सहित विभिन्न तकनीकी संस्थानों एवं कंपनियों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इसके साथ ही IIT Bhilai, IIM Raipur, NIT Raipur और CHiPS के विशेषज्ञों ने भी शिक्षा में AI के विभिन्न उपयोगों को लेकर प्रस्तुतियां दीं।
कॉन्क्लेव के दौरान सामने आए नवाचारों और तकनीकी समाधानों का अध्ययन करने के बाद छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के लिए व्यापक AI रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस रोडमैप के माध्यम से शिक्षकों के लिए AI आधारित सहायक संसाधन विकसित करने और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
