Ram Mandir Trust New CEO: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम पर मुहर लगाई गई है। बैठक में सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त करने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
Jitendra Mishra-Ram Mandir New CEO : एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब 39 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे। वे वायुसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख के पद पर भी रह चुके हैं। अब उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जितेंद्र मिश्रा के पास करीब 3,000 घंटे की उड़ान का अनुभव बताया जाता है। उनके लंबे सैन्य अनुभव और प्रशासनिक क्षमताओं को देखते हुए उन्हें ट्रस्ट के CEO पद के लिए चुना गया है।
ऑपरेशन सिंदूर में भी निभाई अहम भूमिका
जितेंद्र मिश्रा के सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण अभियानों का अनुभव रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इससे पहले टाइगर हिल और ऑपरेशन सफेद सागर जैसे अभियानों में भी उनकी भूमिका का उल्लेख किया जाता रहा है।

Ram Mandir New Trastee : ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की एंट्री
बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के लिए तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई। इनमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।
महेश भागचंदका को दिवंगत विश्व हिंदू परिषद नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार के तौर पर भी बताया जा रहा है। नए सदस्यों के शामिल होने से ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
मंदिर निर्माण के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर फोकस
राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और मंदिर से जुड़े लगातार बढ़ते प्रशासनिक कार्यों को देखते हुए CEO की नियुक्ति को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जितेंद्र मिश्रा के सामने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक कामकाज, विभिन्न व्यवस्थाओं और भविष्य की योजनाओं के बेहतर समन्वय की जिम्मेदारी होगी।
