प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अगस्त 2026 को एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए विपरीत परिस्थितियों में उत्साह और दृढ़ता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बुद्धिमान और दृढ़निश्चयी व्यक्ति संकट, विपत्ति और कठिन समय में भी अपना उत्साह नहीं छोड़ते।
प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित साझा किया—
“आपत्काले च कष्टेऽपि नोत्साहस्त्यज्यते बुधैः।
इति प्रबोधितस्तेन कथञ्चिद् दृढबुद्धिना।।”
इसका भावार्थ है कि समझदार और स्थिर मन वाले व्यक्ति विपत्ति और कठिन परिस्थितियों में भी उत्साह नहीं त्यागते। सच्ची बुद्धिमत्ता और दृढ़ संकल्प की पहचान यही है कि कठिन समय में भी व्यक्ति धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखे।
प्रधानमंत्री ने यह सुभाषित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए साझा किया।
