सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचकर 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा महाकाल के दर्शन करते हैं। हालांकि उज्जैन की यात्रा केवल महाकालेश्वर मंदिर तक सीमित नहीं है। शहर और उसके आसपास कई ऐसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल हैं, जहां दर्शन और भ्रमण कर यात्रा को और खास बनाया जा सकता है।
मंगलनाथ मंदिर
शिप्रा नदी के किनारे स्थित मंगलनाथ मंदिर उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसे मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। मंगल दोष से संबंधित विशेष पूजा और अनुष्ठान के लिए भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। महाकाल मंदिर से ऑटो या कैब के जरिए मंगलनाथ मंदिर पहुंचा जा सकता है।
चिंतामन गणेश मंदिर
उज्जैन से कुछ दूरी पर स्थित प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां भगवान गणेश के दर्शन और पूजा करने से चिंताएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नए काम की शुरुआत या वाहन खरीदने जैसे अवसरों पर भी लोग यहां भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।
गोमती कुंड
महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर में स्थित गोमती कुंड का धार्मिक और पौराणिक महत्व है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने गुरु की इच्छा पूरी करने के लिए सभी पवित्र नदियों के जल को यहां एकत्र किया था। आज भी श्रद्धालु इस कुंड को पवित्र मानते हैं। यह स्थान उज्जैन की धार्मिक और पौराणिक विरासत को करीब से समझने का अवसर देता है।
इस्कॉन मंदिर
महाकाल दर्शन के बाद उज्जैन का इस्कॉन मंदिर भी घूमने के लिए अच्छा विकल्प है। संगमरमर से बने इस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा की जाती है। मंदिर का शांत वातावरण, हरी-भरी परिसर और शाम की आरती के दौरान होने वाला कीर्तन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
चार धाम मंदिर
महाकाल मंदिर मार्ग के पास स्थित चार धाम मंदिर भी उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। इस मंदिर में देश के चार प्रमुख धाम बद्रीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम के स्वरूपों के दर्शन किए जा सकते हैं। यहां वैष्णो देवी मंदिर जैसी गुफा भी बनाई गई है। खास बात यह है कि जो श्रद्धालु चारों धाम की यात्रा नहीं कर पाते, वे यहां एक ही स्थान पर उनके दर्शन कर सकते हैं।
कैसे पहुंचे उज्जैन?
उज्जैन देश के कई प्रमुख शहरों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। श्रद्धालु ट्रेन से उज्जैन जंक्शन पहुंच सकते हैं। हवाई यात्रा के लिए सबसे नजदीकी प्रमुख एयरपोर्ट इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। इंदौर से सड़क मार्ग के जरिए बस, टैक्सी या कैब से उज्जैन पहुंचा जा सकता है।
सावन में बाबा महाकाल के दर्शन के साथ इन पांच धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण उज्जैन यात्रा को आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ सांस्कृतिक और पौराणिक दृष्टि से भी खास बना सकता है।
