भारत के बिहार से सटे नेपाल के सुनसरी जिले में दो धार्मिक समुदायों के बीच हुई सांप्रदायिक झड़प के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हिंसा के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 24 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई, जबकि सुरक्षाकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, विवाद लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर शुरू हुआ था। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस के मुताबिक, घटना रविवार रात सुनसरी जिले की देवांगंज ग्रामीण नगरपालिका के कैप्टनगंज क्षेत्र में हुई। तनाव बढ़ने पर सुरक्षा बलों ने हालात काबू में करने के लिए गोलीबारी की, जिसमें 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई। झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुनसरी जिला प्रशासन ने सोमवार सुबह से जिले के संवेदनशील इलाकों में अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। आदेश के तहत चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, रैली, प्रदर्शन, जनसभा और धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियम तोड़ने पर जुर्माना, जेल या दोनों प्रकार की सजा का प्रावधान है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सुनसरी जिला दक्षिण-पूर्वी नेपाल में स्थित है और इसकी सीमा भारत के बिहार राज्य से लगती है। यह क्षेत्र भारत-नेपाल के बीच व्यापार और आवागमन के लिए महत्वपूर्ण कॉरिडोर माना जाता है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
