मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एआई के माध्यम से युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और नवाचार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं शासन-प्रशासन को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में एआई मिशन, मोबाइल नेटवर्क विस्तार, भारतनेट फेज-3, सेवा सेतु पोर्टल, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स तथा विभिन्न डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि राज्य में एआई कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता, सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई तथा शासन में एआई के उपयोग जैसे पांच प्रमुख स्तंभों पर कार्य किया जाएगा। इसके तहत स्कूलों और महाविद्यालयों में एआई प्रशिक्षण, रोबोटिक्स क्लब, हैकाथॉन, आईटीआई में एआई लैब तथा विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन में एआई के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके लिए सुरक्षित और विश्वसनीय एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा डेटा सुरक्षा और नागरिकों की निजता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में मोबाइल नेटवर्क विस्तार और भारतनेट फेज-3 की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में लगभग एक हजार नए मोबाइल टॉवर स्थापित किए जा चुके हैं तथा 577 अतिरिक्त टावरों की स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं भारतनेट फेज-3 के तहत 4,114 ग्राम पंचायतों को आधुनिक हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में 36 विभागों की 520 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 94.3 प्रतिशत मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है।
बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स और अन्य डिजिटल परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों से आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
