मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विद्यार्थियों की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश और साधारण परिवारों के सपनों की जीत है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रतिभा कभी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक परिवार से जुड़ा है, लेकिन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा के पहले चरण में सफलता हासिल की है। उन्होंने इसे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी अध्ययन पद्धति, तैयारी की रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं की सराहना करते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता महत्वपूर्ण है, लेकिन वास्तविक चुनौती मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और निरंतर परिश्रम को सफलता का मूल मंत्र बताते हुए पूरी निष्ठा से तैयारी जारी रखने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भी उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि संसाधनों के अभाव में कोई भी प्रतिभा पीछे न रह जाए।
उन्होंने बताया कि नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है। यहां अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। हॉस्टल में उपलब्ध सुविधाओं और मार्गदर्शन का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की बढ़ती सफलता के रूप में सामने आ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश की सर्वोच्च सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे।
उन्होंने बताया कि वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 सीटों से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है। इससे प्रदेश के दूरस्थ वनांचल, जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर यूपीएससी सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर मिल रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित रहे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। सफल अभ्यर्थियों में गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया, हरि चंद्र प्रकाश सिंह, मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल, आर्यन राठौर, चेतन लाल, हरीश कुमार पटेल, किशन लाल साहू, सत्यनारायण चंद्राकर, दीक्षा दिवाकर, विकेश कुर्रे तथा प्रकाश पटेल शामिल हैं। इन विद्यार्थियों की सफलता ने प्रदेश को गौरवान्वित किया है और यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और परिश्रम से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
