छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी कलाकार और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उन्हें गंभीर हालत में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर के MICU में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों के अनुसार जनरल मेडिसिन विभाग की निगरानी में उनका इलाज जारी है। मेडिसिन, पल्मोनरी और नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञों की टीम लगातार उनकी मॉनिटरिंग कर रही है।
पिछले तीन साल से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहीं
बताया जा रहा है कि तीजन बाई पिछले करीब तीन वर्षों से लकवा और याददाश्त संबंधी बीमारी से जूझ रही हैं। बीते वर्ष नवंबर में भी उनकी तबीयत बिगड़ी थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर उनका हालचाल जाना था।
पंडवानी को दुनिया तक पहुंचाने वाली कलाकार
तीजन बाई का जन्म 8 अगस्त 1956 को दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र के अटारी गांव में हुआ था। जन्म के दिन तीज पर्व होने के कारण उनका नाम ‘तीजन’ रखा गया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला ‘पंडवानी’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। खास बात यह रही कि उन्होंने पंडवानी की कपालिक शैली को अपनाया और इस शैली में प्रस्तुति देने वाली पहली महिला लोकगायिका बनीं।
कई देशों में दी प्रस्तुतियां
सांस्कृतिक राजदूत के रूप में तीजन बाई ने इंग्लैंड, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, तुर्किये और माल्टा सहित कई देशों में अपनी प्रस्तुतियां दीं और छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाया।
मिले कई बड़े सम्मान
तीजन बाई को कला जगत में उनके योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें:
- पद्मश्री (1988)
- संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995)
- पद्म विभूषण (2019)
जैसे सम्मान शामिल हैं।
उनकी तबीयत खराब होने की खबर के बाद कला जगत और प्रदेशभर में उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
