छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित भिलाई स्टील प्लांट से करोड़ों रुपये के लोहे की चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में संदिग्ध लोहा और कई मशीनें जब्त की हैं।
अकलोलडी गांव के गोदाम पर कार्रवाई
दुर्ग पुलिस ने भिलाई-3 थाना क्षेत्र के अकलोलडी गांव स्थित एक गोदाम को सील कर दिया है। यहां से 100 टन से अधिक संदिग्ध लोहा बरामद किया गया है। मौके से करीब एक दर्जन भारी वाहन और मशीनें भी जब्त की गई हैं, जिनमें पोकलेन मशीन, बुलडोजर, ट्रक और चेन माउंटेड मशीनें शामिल हैं।
ब्लू डस्ट परिवहन की आड़ में खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था। सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के अनुसार, ट्रांसपोर्टर संजय सिंह पर बीएसपी के भीतर से ट्रक ड्राइवरों के जरिए लोहा चोरी कराने का आरोप है। चोरी का माल अकलोलडी स्थित मोहम्मद सलीम के गोदाम में जमा किया जाता था, जहां से आगे सप्लाई की जाती थी।
पुलिस का कहना है कि ब्लू डस्ट परिवहन की आड़ में इस पूरे खेल को अंजाम दिया जा रहा था।
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक चोरी किया गया लोहा इतना भारी था कि उसे बिना क्रेन और भारी मशीनों की मदद से उठाना संभव नहीं था। ऐसे में कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
बीएसपी परिसर और आसपास लगभग 400 सीसीटीवी कैमरे तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों की तैनाती के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में लोहा बाहर निकलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने बताया कि इस मामले के मुख्य आरोपी संजय सिंह और गोदाम संचालक मोहम्मद सलीम फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है और मामले की जांच जारी है।
