टंक राम वर्मा ने प्रशासनिक तामझाम और वीआईपी कल्चर से दूरी बनाते हुए एक सराहनीय पहल की है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के ऊर्जा बचत और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान से प्रेरित होकर मंत्री वर्मा ने अपने शासकीय दौरों और आवागमन में इस्तेमाल होने वाले ‘पायलट’ और ‘फॉलो’ वाहनों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया है।
सीमित वाहनों के साथ करेंगे सफर
रायपुर में सोमवार को जारी जानकारी के अनुसार, मंत्री टंक राम वर्मा अब अपने पूरे स्टाफ के साथ बेहद सीमित और कम से कम वाहनों के काफिले में यात्रा करेंगे। उनके इस निर्णय को राज्य स्तर पर सादगी, जवाबदेही और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की दिशा में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
“देशहित की शुरुआत जनप्रतिनिधियों से हो”
अपने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि देश इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है और ऐसी परिस्थितियों में देशहित से जुड़ी पहल की शुरुआत जनप्रतिनिधियों को स्वयं से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का आचरण समाज के लिए उदाहरण बनता है और इसी सोच के साथ उन्होंने यह निर्णय लिया है।
मंत्री वर्मा ने यह भी कहा कि इस कदम से सरकारी और प्रशासनिक खर्चों में कमी आएगी, साथ ही आम लोगों के बीच ईंधन संरक्षण और ऊर्जा बचत को लेकर सकारात्मक जागरूकता भी बढ़ेगी।
लोगों ने की पहल की सराहना
मंत्री टंक राम वर्मा के इस फैसले का विभिन्न सामाजिक संगठनों, प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि नेताओं द्वारा फिजूलखर्ची पर रोक लगाने और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की दिशा में उठाया गया यह कदम प्रेरणादायी है और इससे जमीन से जुड़े नेतृत्व की छवि मजबूत होती है।
