सुशासन तिहार के तहत गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड स्थित ग्राम पाटशिवनी में आयोजित जिला स्तरीय शिविर उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर खुलकर नाराजगी जाहिर की।
जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली, अवैध शराब बिक्री और अधिकारियों की निष्क्रियता को लेकर तीखे सवाल उठे। ग्रामीणों ने भी बेझिझक अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
किसानों से वसूली के आरोपों से बढ़ी हलचल
कार्यक्रम के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष मीरा ठाकुर ने कहा कि नामांतरण और फौती जैसे सामान्य कार्यों के लिए किसानों को महीनों तक तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
वहीं जिला पंचायत सभापति लेखराज ध्रुवा ने आरोप लगाया कि हीराबतर के एक किसान से राजस्व कार्य कराने के नाम पर 40 हजार रुपये की मांग की गई। इस आरोप के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद अधिकारी असहज नजर आए।
विधायक रोहित साहू ने मंच से दिखाई सख्ती
रोहित साहू ने प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए मंच से ही पुलिस अधीक्षक को फोन लगाया। उन्होंने अवैध शराब बिक्री की शिकायतों को गंभीर बताते हुए छुरा थाना प्रभारी को हटाने की मांग की।
विधायक ने कहा कि अधिकारियों की ढिलाई से सरकार की छवि खराब हो रही है और जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निलंबन जैसी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने खुलकर रखीं समस्याएं
शिविर में विधायक ने ग्रामीणों को सीधे माइक देकर अपनी समस्याएं रखने का अवसर दिया। इस दौरान कुल 393 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें अधिकांश शिकायतें राजस्व, पुलिस और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी थीं।
भगवान सिंह उइके और प्रखर चंद्राकर की मौजूदगी में अधिकारियों से जवाब मांगा गया और कई मामलों में तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने दिया समय पर निराकरण का भरोसा
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहीं कृषि विभाग के कृषि रथ को भी रवाना किया गया।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतों का तय समय सीमा में निराकरण किया जाएगा और राजस्व मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पाटशिवनी का यह शिविर प्रशासनिक जवाबदेही और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया।
