Vi New Non-Executive Chairman Kumar Mangalam Birla : मुंबई। वोडाफोन-आइडिया (Vi) में नेतृत्व स्तर पर हुए बड़े बदलाव का असर सीधे शेयर बाजार में देखने को मिला। बुधवार, 5 मई को कंपनी के शेयरों में लगभग 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई और यह NSE पर 11.24 रुपये तक पहुंच गया। इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी द्वारा बोर्ड स्तर पर किए गए अहम बदलाव हैं, जिनमें कुमार मंगलम बिड़ला को नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया जाना शामिल है।
नेतृत्व में बड़ा फेरबदल, बिड़ला को मिली नई जिम्मेदारी
कंपनी की ओर से जारी रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, कुमार मंगलम बिड़ला को 5 मई 2026 से नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वह रविंदर टक्कर की जगह लेंगे, जिन्होंने चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि टक्कर नॉन-एग्जीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन के रूप में बोर्ड में बने रहेंगे। यह बदलाव कंपनी की गवर्नेंस और मैनेजमेंट स्ट्रक्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
बाजार में सकारात्मक माहौल, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
इस घोषणा के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ। लंबे समय से वित्तीय दबाव और कर्ज संकट से जूझ रही कंपनी के लिए यह बदलाव राहत भरा संकेत माना जा रहा है। AGR बकाया और भारी कर्ज के बीच यह निर्णय कंपनी के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगा रहा है।
AGR और स्पेक्ट्रम बकाया से जारी चुनौती
हालांकि कंपनी की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कंपनी पर भारी AGR देनदारियां बनी हुई हैं, जिन्हें सरकार ने रीकैलकुलेट कर लगभग 64,046 करोड़ रुपये तय किया है। इसके अलावा स्पेक्ट्रम बकाया भी लगभग 49,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो आने वाले वर्षों में कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बने रहेंगे।
भारी घाटे के बावजूद सुधार की कोशिश
वोडाफोन-आइडिया अभी भी वित्तीय संकट से बाहर नहीं निकल पाई है। दिसंबर 2025 तक कंपनी को 17,418 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और नेट वर्थ भी नकारात्मक बनी हुई है। इसके बावजूद कंपनी लगातार फंड जुटाने और टैरिफ सुधार की रणनीति पर काम कर रही है।
टैरिफ रणनीति और भविष्य की उम्मीदें
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल चुनिंदा टैरिफ बदलावों पर फोकस करेगी, न कि बड़े स्तर पर बढ़ोतरी पर। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टेलीकॉम सेक्टर में टैरिफ बढ़ोतरी का ट्रेंड जारी रहता है, तो इससे कंपनी के रेवेन्यू में सुधार संभव है।
