छत्तीसगढ़ शासन की Bihan Yojana ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। “मेरी कहानी, मेरी जुबानी” पहल के तहत बलरामपुर जिले के ग्राम पचावल की श्रीमती अर्चना सिंह की सफलता कहानी सामने आई है।
अर्चना सिंह ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर 2 लाख रुपये का ऋण लिया और राइस मिल की स्थापना की। आज वे सफलतापूर्वक इसका संचालन कर रही हैं, जिससे उन्हें नियमित आय मिल रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण मिला, जिससे आत्मविश्वास और उद्यमिता कौशल विकसित हुआ। अब वे न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।
