Assembly Election Results Analysis : पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में सत्ता परिवर्तन की साफ तस्वीर उभरकर सामने आई है। जनता ने लगभग एक दशक से सत्ता में बैठी पार्टियों को दरकिनार करते हुए नई ताकतों को मौका दिया है। बंगाल में ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सरकार का अंत होता दिख रहा है, जबकि तमिलनाडु में अभिनेता विजय की नई पार्टी TVK ने द्रविड़ पार्टियों को कड़ी टक्कर दी है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने LDF सरकार को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
बंगाल में भाजपा की भगवा लहर
पश्चिम बंगाल में भाजपा ने रुझानों में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। पार्टी 196 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस कुछ इलाकों में अपनी पकड़ बनाए रखने में कामयाब रही, लेकिन पूरे राज्य में भाजपा की लहर साफ नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झालमुड़ी वाली रैलियों और केंद्रीय नेताओं के प्रचार का असर दिख रहा है।
तमिलनाडु में थलापति विजय का कमाल
तमिलनाडु में अभिनेता थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। विजय ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की DMK को करारी शिकस्त दी है। TVK ने 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाई है। दिसंबर 2025 में राजनीति में कदम रखने वाले विजय ने पहली बार चुनाव लड़कर ही तमिलनाडु की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है।
केरल में UDF की वापसी
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) एक दशक बाद सत्ता में वापसी करने जा रहा है। UDF ने 100 से ज्यादा सीटें हासिल कर ली हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की LDF सरकार को भारी हार का सामना करना पड़ रहा है। UDF को 71 सीटों की जरूरत थी, लेकिन वह बहुमत से काफी आगे है।
ये तीनों राज्यों के नतीजे पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। बंगाल में 15 साल बाद सत्ता बदलाव, तमिलनाडु में द्रविड़ वर्चस्व को टक्कर और केरल में LDF की हार – ये तीनों घटनाएं 2026 चुनावों को यादगार बना रही हैं। अंतिम नतीजों का इंतजार है, लेकिन रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि जनता ने बदलाव का मन बना लिया है।
