Israel-Iran War : नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक तेल टैंकर पर हमला होने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। ओमान की सरकारी एजेंसी के मुताबिक, पलाऊ के झंडे वाले ‘स्काइलाइट’ नामक जहाज पर यह हमला हुआ, जिसमें चार नाविक घायल हो गए। जहाज पर भारतीय और ईरानी क्रू सदस्य सवार थे।
हालांकि अब तक हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, लेकिन क्षेत्र में जारी सैन्य तनाव के बीच इस घटना को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
रणनीतिक रूप से अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ता है।
यूरोपीय संघ के नौसैनिक मिशन और समुद्री अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में जहाजों को रेडियो संदेशों के जरिए इस मार्ग से गुजरने को लेकर चेतावनी दी जा रही है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की चेतावनी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने समुद्री जहाजों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। चेतावनी में कहा गया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो सकता है।
हालांकि तेहरान ने औपचारिक रूप से जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
भारतीय क्रू सदस्य भी प्रभावित
हमले में घायल चार नाविकों में कुछ भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन संबंधित एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
भारत सरकार की ओर से भी स्थिति की निगरानी की जा रही है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नाविक खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत हैं।
वैश्विक बाजार और शिपिंग पर असर
बढ़ते खतरे को देखते हुए बीमा कंपनियों ने समुद्री बीमा प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी कर दी है। कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने एहतियातन अपने शिपमेंट अस्थायी रूप से रोक दिए हैं या वैकल्पिक मार्ग तलाशने शुरू कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति श्रृंखला में बाधा जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
अनिश्चितता के बीच बढ़ी अंतरराष्ट्रीय चिंता
मध्य-पूर्व में जारी तनाव और हालिया हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को नई चुनौती दी है। फिलहाल दुनिया की निगाहें इस क्षेत्र पर टिकी हैं और सभी देश हालात सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं।
