हरी मटर (Green Peas) न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी पावरहाउस से कम नहीं है। 2026 के ताज़ा स्वास्थ्य शोध और आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार, हरी मटर में ऐसे कई पोषक तत्व मौजूद हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं।
पोषण से भरपूर सुपरफूड
हरी मटर विटामिन, मिनरल और फाइबर का बेहतरीन स्रोत मानी जाती है। 100 ग्राम हरी मटर में करीब 4.3 ग्राम प्रोटीन और 4.4 ग्राम फाइबर पाया जाता है। इसके साथ ही इसमें विटामिन C, K और A के अलावा आयरन, जिंक और मैग्नीशियम भी भरपूर मात्रा में होते हैं।
सेहत को मिलने वाले प्रमुख फायदे
- पाचन तंत्र मजबूत: मटर में मौजूद फाइबर पाचन सुधारता है, कब्ज से राहत देता है और आंतों को स्वस्थ रखता है।
- दिल की सुरक्षा: यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करती है, जिससे हृदय रोग का खतरा घटता है।
- वजन घटाने में मददगार: फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण मटर खाने से पेट देर तक भरा रहता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती।
- ब्लड शुगर नियंत्रण: मटर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 22 होता है, जो इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित विकल्प बनाता है।
- मजबूत हड्डियाँ: विटामिन K और कैल्शियम हड्डियों को मजबूती देते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव में सहायक हैं।
त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद
हरी मटर में मौजूद विटामिन C कोलेजन के निर्माण में मदद करता है, जिससे त्वचा चमकदार और जवान बनी रहती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा की समस्याओं को कम करने और बालों को मजबूती देने में भी सहायक माने जाते हैं।
आयुर्वेद क्या कहता है?
- तासीर: आयुर्वेद के अनुसार मटर की तासीर गर्म होती है, इसलिए सर्दियों में इसका सेवन विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
- सेवन का सही तरीका: मटर को हल्का उबालकर, सब्जी, सूप या पुलाव के रूप में खाना सबसे अच्छा माना जाता है।
- उचित मात्रा: एक स्वस्थ व्यक्ति रोजाना करीब आधी कटोरी (1/2 कप) हरी मटर का सेवन कर सकता है।
सावधानी भी है ज़रूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, जरूरत से ज्यादा मटर खाने से पेट में गैस, सूजन और यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या हो सकती है। गठिया या किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी वाले लोगों को मटर का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। किसी भी तरह की बीमारी में डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
