रायपुर। सरकारी नौकरी लगाने और ट्रांसफर कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का दावा कर बेरोजगार युवाओं और अन्य लोगों को अपने जाल में फंसाने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सिविल लाइन थाने में दर्ज हुई शिकायत
मामले की शुरुआत पीड़ित बोस्टो तांडी की शिकायत से हुई। उन्होंने थाना सिविल लाइन में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी संतराम यादव और आदित्य मोहन पंडा ने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे पैसे लिए। आरोपियों ने कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने की बात कही थी। वहीं, आदित्य मोहन पंडा ने खुद को गृहमंत्री का निजी सहायक बताकर सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था।
नौकरी के नाम पर लिए 70 हजार रुपये
आरोपियों की बातों पर भरोसा करके पीड़ित ने उन्हें 70 हजार रुपये दिए। लेकिन रकम लेने के बाद आरोपियों ने नौकरी नहीं लगवाई। इसके बाद पीड़ित को जानकारी मिली कि इसी तरह अन्य लोगों से भी नौकरी और दूसरे कामों के नाम पर रकम ली गई है।
शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 528/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 और 3(5) के तहत कार्रवाई शुरू की।
दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पीड़ित और गवाहों से पूछताछ के बाद पुलिस ने आदित्य मोहन पंडा, पिता अनिल पंडा, उम्र 23 वर्ष, निवासी कमल विहार रायपुर और संतराम यादव, पिता बलराम यादव, उम्र 38 वर्ष, निवासी हिमालया हाइट्स देवपुरी रायपुर को हिरासत में लिया।
पूछताछ में सामने आया 25 लाख की ठगी का मामला
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अब तक करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की है। आरोप है कि लोगों से सरकारी नौकरी लगाने के साथ-साथ ट्रांसफर कराने के नाम पर भी रकम ली गई।
पुलिस फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और ठगी के शिकार अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।
