छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों से जुड़े बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। ACB-EOW की टीम ने CSMCL से जुड़े मैनपावर घोटाले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को स्पेशल कोर्ट ने 11 मई तक कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है।
जांच में सामने आया है कि साल 2019 से 2024 के बीच शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए ओवरटाइम भत्ते के नाम पर करीब 115 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। हालांकि, यह रकम कर्मचारियों तक नहीं पहुंची, बल्कि अधिकारियों और संबंधित लोगों के बीच बांट ली गई।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7(बी), 8 और भारतीय दंड संहिता की धाराएं 467, 468, 471 और 120बी के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस घोटाले का खुलासा सितंबर 2023 में हुआ था, जब Enforcement Directorate ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के पास से 28 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। इसके बाद राज्य सरकार को जानकारी दी गई और EOW ने जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से फर्जी बिल बनाकर राशि जारी की जाती थी, जिसे कर्मचारियों तक पहुंचाने के बजाय गबन कर लिया जाता था। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
